हमारी अधूरी कहानी…!!!

पास आये, दूरियाँ फ़िर भी कम ना हुई,
एक अधूरी सी हमारी कहानी रही…

आसमाँ को ज़मीन, ये ज़रूरी नहीं जा मिले, जा मिले,
इश्क़ सच्चा वही, जिसको मिलती नहीं मंज़िलें, मंज़िलें…

रंग थे, नूर था, जब करीब तू था,
इक जन्नत सा था ये जहाँ,
वक़्त की रेत पे कुछ मेरे नाम सा,
लिख के छोड़ गया तू कहाँ?

हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी,
हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी…!!!

खुशबूओं से तेरी यूं ही टकरा गए,
चलते चलते देखो ना हम कहाँ आ गए?

जन्नतें अगर यहीं, तू  दिखे क्यों नहीं?
चाँद सूरज सभी है यहाँ,
इंतज़ार तेरा सदियों से कर रहा,
प्यासी बैठी है कबसे यहाँ,
हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी,
हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी…!!!

प्यास का ये सफ़र खत्म हो जायेगा,
कुछ अधूरा सा जो था पूरा हो जाएगा.

झुक गया आसमान, मिल गए दो जहाँ,
हर तरफ है मिलान का समा,
डोलियाँ है सजी, खुश्बूएं है हर कहीं,
पढने आया ख़ुद ख़ुदा यहाँ,
हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी,
हमारी अधूरी कहानी, हमारी अधूरी कहानी…!!!

फिल्म: हमारी अधूरी कहानी
गीत: हमारी अधूरी कहानी
गायक: अरिजीत सिंह/ जीत गांगुली
गीतकार: रश्मि विराग
संगीत: जीत गांगुली
म्यूज़िक: सोनी म्यूज़िक इंडिया

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क्यों फासलों में भी तू यारा रे…???

अजनबी कहे की अपना कहे,
अब क्या कहे क्या ना कहे…

इशारे भी चुप है, जुबां खामोश है,
सदा गुमसुम है, तन्हा आगोश है.

यारा रे, यारा रे, क्यों फासलों में भी तू यारा रे…

तू छूट कर क्यों छूटा नहीं?
कुछ तो जुदा है अभी,
मैं टूटकर क्यों टूटा नहीं?
जीने में है तू कहीं.

इशारे भी चुप है, जुबां खामोश है,
सदा गुमसुम है, तन्हा आगोश है.

यारा रे, यारा रे, क्यों फासलों में भी तू यारा रे…

है हर घडी वो तिश्नगी,
जो एक पल भी ना बुझी,
है ज़िंदगी चलती हुई,
पर ये ज़िंदगी ही नही.

इशारे भी चुप है, जुबां खामोश है,
सदा गुमसुम है, तन्हा आगोश है.

यारा रे, यारा रे, क्यों फासलों में भी तू यारा रे…

क्यों फासलों में भी तू यारा रे…???

– गीत: यारा रे…
गीतकार: संदीप नाथ
संगीत: अंकित तिवारी
गायक: के. के.
संगीत कंपनी: टी-सीरीज़
फिल्मांकन: अर्जुन रामपाल, जेक्वेलिन फर्नांडीज़
फिल्म: रॉय