मैं ही हूँ वो जो रहमत से गिरा


 

 

कैसे खला ये दिल में बसती है, अब तो खताएं फितरत ही सी है,

मैं ही हूँ वो जो रहमत से गिरा, ए खुदा –

गिरा गया, मैं जो तुझसे दूर हुआ – लुट गया.

इतनी खताएं तू लेकर चला है, दौलत ही जैसे तेरा अब खुदा,

हर पल देता है तू जैसे हवा है, गुन्हा के साए में चलता रहा,

समंदर सा बहकर तू चलता ही गया, तेरी मरज़ी पूरी की तुने हर दफा,

तू ही तेरा मुजरिम बन्देया…

क्यूँ जुड़ता इस जहां से तू? इक दिन ये गुज़र ही जायेगा,

कितना भी समेट ले यहाँ, मुठ्ठी से फिसल ही जायेगा,

हर शख्स धुल से बना और फिर उसमे ही जा मिला,

ये हकीकत है तू जान ले, क्यूँ सच से मुंह है फेरता?

चाहे जो भी हसरत पूरी कर ले, मिटेगी न फितरत ये समज ले,

मिट जाएगी तेरी हस्ती, भर ना पायेगा ये दिल बन्देया…

अगर तू सोचे तू है गिरा – मेरे हाथ को थाम उठ ज़रा,

तेरे दिल के दर पे हूँ खड़ा – मुझको अपना ले तू ज़रा,

तू कहे – तू है साए से घिरा तेरी राहों का मैं धुल हूँ,

तेरे गुनहाओं को खुद तुने लिया, मेरी नज़रों में बेक़सूर तू,

ऐसा कोई मंज़र तू दिखला दे, मुझे कोई शख्स से मिलवा दे,

ऐसा कोई दिल से तू सुनवा दे, के ज़ख़्म कोई उसे ना मिला.

     –   from the movie MURDER 2

Music Director – Mithoon, Sangeet & Siddharth Haldipur, Harshit Saxena

Lyricist – Sayeed Quadri, Kumaar, Mithoon

Choreographer: Raju Khan

Pictured on – Emraan Hashmi

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One thought on “मैं ही हूँ वो जो रहमत से गिरा

  1. ऐसा कोई मंज़र तू दिखला दे, मुझे कोई शख्स से मिलवा दे,
    ऐसा कोई दिल से तू सुनवा दे, के ज़ख़्म कोई उसे ना मिला.

    Lyricist – Sayeed Quadri, Kumaar, Mithoon .. bahot ache alfaz he..thnx 4 tht..

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