भारतीय सिनेयुग के गाने


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माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना,
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना,
सारे ज़माने में, सारे ज़माने में, सारे ज़माने मैं…
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना…
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गुस्सा तेरा शहद – नीम सा,
प्यार भी तुझसा नहीं है, ओ माँ…
तुझसे ज्यादा चाहू मैं तुझको,
माँ तू मेरी हमनशीं है,
लब है मेरे कहने को लेकिन,
इनपे तेरी ही हंसी है,
जीना ना तेरे बिना, जीना ना तेरे बिना, जीना ना तेरे बिना,
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना…
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साँसों की डोरी तुझसे जुडी है,
टूटी तो मर जाऊंगा माँ, ओ माँ,
अक्सर ख्यालों में देखा मैंने -
गोद में अपनी तुझको माँ,
मैं भी सुनाता हूँ लोरी तुझको,
जैसे सुनाती तू मुझको
क्या है तुझे ये पता? क्या है तुझे ये पता? क्या है तुझे ये पता?
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना…
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माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना,
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना,
सारे ज़माने में, सारे ज़माने में, सारे ज़माने मैं…
माँ तेरे जैसा कोई कहीं ना…
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फिल्म: बोलो राम
गायक: सुखविंदर सिंग
लेखक: अजय झिंगरन
लम्बाई: ३ मिनट ५२ सेकंड्स
म्युज़िक लेबल: टी – सिरीज़
संगीत: सचिन गुप्ता

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तुम लोगों की इस दुनिया में हर कदम पे इन्सान गलत,
मैं सही समझ के जो भी करू – तुम कहते हो गलत,
मैं गलत हूँ तो फिर कौन सही? फिर कौन सही?
मरज़ी से जीने की भी मैं क्या तुम सबको अरज़ी दूं?
मतलब की तुम सब का मुझपे मुझसे भी ज्यादा हक है?
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

ना ना ना…

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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हे…
इन कतारों में, या उधारों में,
तुम मेरे जीने की आदत का क्यों घोंट रहे दम?
बेसलीका मैं, उस गली का मैं,
न जिस में हया, न जिस में शरम,
मन बोले के रस में जीने का -
हरजाना दुनिया दुश्मन…
सब बेगाना, इन्हें आग लगा ना,
मन बोले मन बोले, मन से जीना या मर जाना.

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

ना ना ना ना ना…..

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ओ इको फ्रेंडली, नेचर के रक्षक,
मैं भी हूँ नेचर,
इन रिवाजों से, समाजो से,
क्यों तू काटे मुझे, क्यों बाटें मुझे इस तरह?
हो हो…

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क्यों सच का सबक सिखाएं?
जब सच सुन भी ना पाएं.
सच कोई बोले तो तू नियम कानून बताये,
तेरा डर, तेरा प्यार, तेरी वाह,
तू ही रख, रख साला…

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख
साड्डा हक एथे रख

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साड्डा हक एथे रख…..!!!!!

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गीत: साड्डा हक एथे रख
फिल्म: रोक स्टार
गीतकार: इरशाद कामिल
संगीत: ए. आर. रहमान
गायक: मोहित चौहान
म्युज़िक लेबल: टी – सिरीज़
फिल्मांकन: रणबीर कपूर

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http://www.youtube.com/watch?v=p9DQINKZxWE

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